गुरुवार, 18 जुलाई 2019

झुग्गी-बस्तियों में शिक्षा के विकास में दीपालय ने पुरे किये अपने 40 साल


Deepalaya Founders' Day

16 जुलाई, 40 साल के युवा बने दीपालय परिवार के लिए एक बड़ा दिन था। इस ख़ास अवसर को परिवार ने  बहुत उत्साह और उल्लास से मनाया। वायु सेना के सभागार, सुब्रतो पार्क, धौला क़ुंआ में सामाजिक बदलाव में मील का पत्थर साबित हुए दीपालय की 40 साल की यात्रा को धूमधाम से मनाया गया। हजारों की संख्या में स्टाफ, विद्यार्थी, स्पोंसर्स, डोनर्स, बोर्ड मेंबर्स और दीपालय समर्थक मौजूद रहे। 

समारोह की अध्यक्षता जाने-माने नाटककार प्रो. श्री ओमचेरी एन एन पिल्लई ने किया। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री श्री वी मुरलीधरन थे। सेवानिर्वित आई ए एस श्रीमती रेवा नय्यर, व अन्य सम्मानित अतिथि मौजूद रहे।  कई न्यूज़ चैनल्स और अख़बारों के संवाददाता भी अपनी टीम के साथ कार्यक्रम के कवरेज के लिए मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुवात मिस एलिज़ाबेथ फिलिप के शास्त्र वाचन और मिस जिन्सी और मिस शालिनी के स्वागत सन्देश से किया गया। मुख्य अतिथियों के आगमन पर दीप प्रज्वलित करने के उपरांत श्री ए जे फिलिप (सेक्रेटरी एंड चीफ एग्जीक्यूटिव) के  स्वागत भाषण, प्रोफेसर ओमचेरी एन एन पिलइ के भाषण और मुख्य अतिथि के व्याख्यान के द्वारा दीपालय के पिछले 40 वर्षों की यात्रा, चुनौतियों और उपलब्धियों को विस्तारपूर्वक बताया गया। 

जिसमे ये बात निकल कर आई कि दिल्ली में काम कर रहे सात केरलवासी 1979 में 2500 रुपये के निवेश के साथ दीपालय शुरू करने के लिए आए थे। दीपालय की शुरुआत पांच छात्रों और एक शिक्षक के साथ की गई थी। पिछले चालीस वर्षों में, लगभग 3.5 लाख छात्रों ने दीपालय के स्कूलों में अध्ययन किया है। उन छात्रों का भारी बहुमत समाज के सबसे आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों से था। उनमें से ज्यादातर झुग्गियों या झुग्गी-बस्तियों में रहते थे। यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि अगर दीपालय नहीं होता, तो उनमें से कई स्कूल के अंदर नहीं दिखते। आज, वे सभी जीवन में अच्छा कर रहे हैं, उनमें से कुछ ही दीपालय में उच्च पदों पर आसीन हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में एक तरफ गायन के क्षेत्र में प्रतिभावान विद्यार्थी और अध्यापकों ने सरस्वती वंदना गाकर सभा में मौजूद हजारों दर्शकों को मन मोह लिया तो दूसरी तरफ दीपालय परिवार के शिक्षक गायक हिमांशु तथा पूर्व विद्यार्थी व गायक विशाल गुप्ता और सुमित डोगरा ने अपनी गायकी से सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।  इसी बिच सोवेनियर नामक किताब का वोमोचन किया गया। 

सामाजिक बदलाव को ध्यान में रखते हुए मलाला थीम के ऊपर स्किट और डांस, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित नृत्य और जुर्म की और बढ़ते युवा नामक नाटक प्रस्तुति ने समाज को सन्देश दिया और सबका मन मोह कर जोरदार तालिया बटोरी।

सभा में मौजूद दर्शकों के लिए एक तरफ मुख्य आकर्षक रहे दीपालय स्पेशल यूनिट के शारीरिक चुनौतियों वाले स्पेशल बच्चे जिन्होंने समावेशी शिक्षा पर आधारित डांस प्रश्तुत किया। वही दूसरी तरफ वोकेशनल ट्रेनिंग के विद्यार्थियों के द्वारा प्रस्तुत फ्यूजन डांस की उम्दा कलाबाजियों ने दर्शकों को दांतो तले उंगलिया चबाने पर मजबूर कर दिया। 

समाज में शैक्षिक बेहतरी के खास मकसद के लिए वित्तीय दानकर्ताओं के सम्मान के बाद श्री टी के मैथ्यू (फॉउन्डिंग मेंबर और पूर्व सेक्रेटरी एंड चीफ एग्जीक्यूटिव) की बायोग्राफी का विमोचन किया गया।  और अंततः मुख्य क्रियाशील एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिस जसवंत कौर के वोट ऑफ़ थैंक्स के बाद इस भव्य उत्सव का समापन किया गया। 

शुक्रवार, 1 मार्च 2019

युवाओं के लिए प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन


युवाओं के लिए प्रेरणादायक कार्यशाला सत्र  "व्हाट्स नेक्स्ट?" का आयोजन

वीटीसी दीपालाय ने 28 फरवरी 2019 को संजय कॉलोनी में एक कैरियर परामर्श सह प्रेरक कार्यशाला सत्र का आयोजन किया। कार्यशाला का विषय था "व्हाट्स नेक्स्ट"।
 वीसोक एडवाइजर्स के संस्थापक और सी इ ओ, श्री रवि शर्मा ने यह दिलचस्प सत्र लिया, जिसमें 36 युवाओं ने भाग लिया जिसमें वीटीसी के वर्तमान व पूर्व छात्रों के आलावा युवा क्लब के सदस्य शामिल थे।
कार्यशाला की शुरुआत में श्री रवि शर्मा ने प्रतिभागियों से पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं। प्रतिभागियों ने अपने सपनों को व्यक्त किया जैसे कि एक रक्षा कार्मिक, वेब डिजाइनर, नर्स, एथिकल हैकर, शिक्षक, फैशन डिजाइनर आदि। कुछ ऐसे प्रतिभागी भी थे जिन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने अभी तक निर्णय नहीं लिया है।

अगली बात जो चर्चा में थी की ऐसे व्यवसाय का चयन करें जिसमे उनकी दिलचस्पी हो और जिसके लिए उन्हें बनाया गया है । उसके बाद श्री रवि शर्मा ने जीवन में कोई भी निर्णय लेने से पहले "क्यों" पूछने का महत्व बताया। उन्होंने छात्रों से पूछा कि वे अपने जीवन में क्या चाहते हैं। उत्तर था समृद्धि और शांति। फिर उन्होंने समझाया कि अब हम पूरी तरह से हम पर निर्भर हैं और हमारा भविष्य भी हमारे हाथों में रहेगा। यह दूसरों या स्थितियों को दोष देने से कोई फायदा नहीं है।
जीवन में समृद्धि के लिए हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा और उन चीजों से बचना होगा जो हमें इसे हासिल करने से विचलित करेंगी। ऐसे केंद्रित जीवन का नेतृत्व करने से हमें अपने सपनों को साकार करने और समृद्धि लाने में मदद मिलेगी। लेकिन अकेले समृद्धि हमारे जीवन में शांति नहीं ला सकती है।

जीवन में शांति, किसी से कुछ हमेशा पाने पर निर्भर नहीं करती है। बल्कि जब आप दूसरों को कुछ देना शुरू करते हैं  तभी आपको असल में मानसिक शांति मिलती है। यद्धपि हमारा परिवार हमारा केंद्र हो सकता है, धन के साथ मदद करने के रूप में हमारी मदद करता है, बुजुर्ग लोगों की तरह दूसरों के साथ समय बिताना या शारीरिक मदद की पेशकश केवल हमारे परिवार तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि यह समाज में अन्यों के साथ करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि स्वार्थी कार्य क्या हैं और निःस्वार्थ कार्य क्या हैं।

उन्होंने युवाओं से वर्तमान में जीने के लिए भी कहा। छोटे बच्चों के मन की शांति होती है क्योंकि वे अतीत या भविष्य के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं होते हैं। वे हमेशा वर्तमान में रहते हैं। सफल होने के लिए हमें अतीत और भविष्य की चिंता करने के बजाय अपने वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने मन का अभ्यास करने की आवश्यकता है।

सत्र समाप्त करने से पहले प्रतिभागियों को प्रश्न पूछने का अवसर दिया गया जिसमें उन्होंने सामान्य और व्यक्तिगत प्रश्न पूछे जिनका उत्तर श्री रवि शर्मा ने अपनी पूर्ण संतुष्टि के लिए दिया।

परियोजना समन्वयक श्री जेम्सकुट्टी वी.ई. और दीपालय वीटीसी के कंप्यूटर प्रशिक्षक श्री प्रदीप कुमार भी इस उपयोगी कार्यशाला में शामिल हुए।

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

दीपालय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र ने चलाया कंप्यूटर साक्षरता जागरूकता अभियान



दीपालय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र ने चलाया कंप्यूटर साक्षरता जागरूकता अभियान

दीपालय व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के संजय कॉलोनी शाखा ने संजय कॉलोनी व आसपास के कॉलोनियों में लोगों को कंप्यूटर साक्षरता का महत्व व उपयोगिता समझाने का अभियान चलाया। जिसमे घर घर जाकर महिलाओं और नौजवानों से बातचीत और चर्चा करके विस्तार से समझाया गया और साथ ही साथ एडमिशन लेने के लिए प्रेरित किया गया।
मोबलाइजेशन टीम में शामिल कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर प्रदीप कुमार, मोब्लाइज़र मिस रीमा और लाइब्रेरियन मिस पुष्पा ने संश्था द्वारा चलाये जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, उसके अलग अलग पाठ्यक्रमों, सामुदायिक लाइब्रेरी व अन्य सुविधावों के बारे में बताया।

इंस्ट्रक्टर प्रदीप ने बताया की दीपालय कंप्यूटर सेंटर संजय कॉलोनी, शंस्था द्वारा दिल्ली के विभिन्न इलाकों में चलाये जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है, जहाँ कंप्यूटर कोर्स फॉर आईटी एंड बिगनर्स, कंप्यूटर कोर्स फॉर एडवांस वर्ड एंड एक्सेल, कंप्यूटर कोर्स फॉर डिजिटल लिटरेसी, डाटा एंट्री, ग्राफ़िक डिजाइनिंग और वेब डिज़ाइनिंग जैसे कोर्सेज कराये जाते हैं।

प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर जेम्स कुट्टी ने बताया की दिल्ली में दीपालय द्वारा संचालित चार व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, एन.आई.आई.टी फाउंडेशन के सहयोग से विभिन्न कंप्यूटर पाठ्यक्रमों को चला रहे है। जिसके जरिये समाज के वंचित युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। केंद्रों का उद्देश्य छात्रों के बीच उद्यमशीलता और व्यक्तित्व गुणों को विकसित करना है, साथ ही उन्हें कॉर्पोरेट् और अन्य क्षेत्रों में नौकरियों के लिए तैयार करना है।

दीपालाय के बारे में
दीपालाय एक आईएसओ 9001:2008 प्रमाणित गैर-सरकारी संगठन है जो आत्मनिर्भरता को सक्षम करने में विश्वास करता है और महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ शहरी और ग्रामीण गरीबों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह गैर-सरकारी संगठन 16 जुलाई, 1979 को सात संस्थापक सदस्यों द्वारा शुरू किया गया था और तीन से अधिक दशकों से निरक्षरता के विरूद्ध धर्मयुद्ध में योगदान दे रहा है। वर्षों से दीपालय ने शिक्षा (औपचारिक/गैर-औपचारिक/उपचारात्मक), महिला सशक्तिकरण (प्रजनन स्वास्थ्य, एसएचजी, माइक्रो-फाइनेंस), संस्थागत देखभाल, सामुदायिक स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण आदि के क्षेत्रों में कई परियोजनाएं चलायी हैं। हमारी परियोजनाएं दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, और तेलांगना में चल रही हैं।

शनिवार, 9 फ़रवरी 2019

सफदरजंग अस्पताल में नाकाफ़ी व्यवस्था: ठिठुरती ठंड में सड़क पर सोने को मजबूर परिजन

सफदरजंग अस्पताल में नाकाफ़ी व्यवस्था: ठिठुरती ठंड में सड़क पर सोने को मजबूर परिजन देश के बड़े अस्पतालों में शुमार दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल, जहाँ दिल्ली व आसपास के राज्यों के दूरदराज़ इलाक़ों से मरीज़ अपने परिजनों के साथ इलाज कराने आते हैं लेकिन यहाँ ठहरने का उचित प्रबंध न होने की वजह से सैकड़ों लोग हड्डियों को कंपकंपाती ठंड में भी सड़क, फुटपाथ व गलियों में सोने को मजबूर हैं। औरतों, बच्चों व बुज़ुर्गों का इमेरजेंसी व विभिन्न वार्डों के बाहर एक चटाई पर लेटे और एक कम्बल ओढ़े ठंड से कांपते परिजनों की ठिठुरती आँखें, अंदर भर्ती किसी अपने के बेहतरी को तकती हैं और सरकार के तमाम झूठे दावों की पोल खोलतीं हैं। जिसमे कहा जाता है की दिल्ली के अस्पताल सम्पूर्ण सुविधा संपन हैं। ओखला से आयी किरण जिनके परिवार का एक सदस्य डिलिवरी वार्ड में भर्ती है, ने बताया की अंदर का इंतज़ाम भी नाकाफ़ी है। वार्ड में बेड ख़ाली नहीं हैं जिसकी वजह से एक बेड पर दो या दो से ज़्यादा मरीज़ इलाज करवाने को मजबूर हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया की हर मरीज़ के साथ इजाजतन रुके एक परिजन के बैठने व सोने का कोई उचित प्रबंध भी नहीं है। परिजनों को बेड के नीचे बैठना पड़ता है। जहाँ कोकरेच भी घुमते रहते हैं। और इसी वजह से परिवार के कई सदस्य बरी बारी से मरीज़ के पास रहते हैं। उन्होंने बताया की परिजनों के बिस्तर, ओढ़ने व ठहरने का कोई प्रबंध अस्पताल की तरफ़ से नहीं किया हुआ है। हमें अपना प्रबंध ख़ुद करना पड़ता हैं। और कहीं जगह नहीं मिलने पर खुले फुटपाथ पर सोना पड़ता हैं।

रविवार, 3 फ़रवरी 2019

खेलकूद के माध्यम से युवावों में अच्छी आदतों, आत्मविश्वास और अनुशासन का निर्माण

                                                              Deepalaya Cricket Tournament

खेलकूद के माध्यम से युवावों में अच्छी आदतों, आत्मविश्वास और अनुशासन का निर्माण


नई दिल्ली, फरवरी 6th 2019: दीपालय गैर सरकारी शंस्था द्वारा दिल्ली केविभिन्न इलाकों में चलाये जा रहे व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों के विधार्थियों के सम्पूर्ण विकास के लिए अन्तः वीटीसी क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया। जिसमे व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र संजय कॉलोनी, गोल कुआँ, ककरोला व पटेल गार्डन से छात्रों ने हिस्सा लिया। इसका आयोजन तुग़लकाबाद के कायामाया ग्राउंड में किया गया जिसमे खिलाडियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया।

इस टूर्नामेन्ट का आयोजन, शंस्था के साउथ दिल्ली व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्रो के प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर श्री जैम्स कुटटी वीइ; कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर श्री प्रदीप चौहान, कु: कोमल राठौर, व श्रीमती कुलवंत कौर की मौजूदगी में किया गया। जिसमे द्वारका और ओखला के स्लम कॉलोनियों के लगभग 30 नौजवानो ने भाग लिया। मैच के साथ-साथ टूर्नामेंट दीपालय की वेस्ट दिल्ली टीम ने जीत लिया, जिसने प्रतिद्वंद्वी दीपालय की दक्षिण दिल्ली की टीम को 7 विकेट से ​​हराया।

श्री जैम्स कुटटी के अनुसार, “दीपालय नियमित अंतराल पर ऐसे आयोजन करता रहता है क्योंकि खेल कूद से अच्छी आदतों, आत्मविश्वास और अनुशासन का निर्माण होता हैं। इससे खिलाड़ियों में लीडरशिप का विकास होता है।”

दिल्ली में दीपालय द्वारा संचालित चार व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, एन.आई.आई.टी फाउंडेशन के सहयोग से विभिन्न कंप्यूटर पाठ्यक्रमों को चला रहा है, और समाज के वंचित युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। केंद्रों का उद्देश्य छात्रों के बीच उद्यमशीलता और व्यक्तित्व लक्षणों को विकसित करना है, साथ ही उन्हें कॉर्पोरेट् और अन्य क्षेत्रों में नौकरियों के लिए तैयार करना है।

दीपालाय के बारे में
दीपालाय एक आईएसओ 9001:2008 प्रमाणित गैर-सरकारी संगठन है जो आत्मनिर्भरता को सक्षम करने में विश्वास करता है और महिलाओं और बच्चों पर विशेष ध्यान देने के साथ शहरी और ग्रामीण गरीबों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह गैर-सरकारी संगठन 16 जुलाई, 1979 को सात संस्थापक सदस्यों द्वारा शुरू किया गया था और तीन से अधिक दशकों से निरक्षरता के विरूद्ध धर्मयुद्ध में योगदान दे रहा है। वर्षों से दीपालय ने शिक्षा (औपचारिक/गैर-औपचारिक/उपचारात्मक), महिला सशक्तिकरण (प्रजनन स्वास्थ्य, एसएचजी, माइक्रो-फाइनेंस), संस्थागत देखभाल, सामुदायिक स्वास्थ्य, व्यावसायिक प्रशिक्षण आदि के क्षेत्रों में कई परियोजनाएं चलायी हैं। हमारी परियोजनाएं दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, और तेलांगना में चल रही हैं।

दीपालय संस्था ने चलाया "स्वच्छ समुदाय" अभियान

दीपालय संस्था ने चलाया "स्वच्छ समुदाय" अभियान

“कभी भी संदेह न करें कि विचारशील, प्रतिबद्ध, नागरिकों का एक छोटा समूह दुनिया को बदल सकता है। वास्तव में, यह केवल एक चीज है जो कभी भी है। ”- मार्गरेट मीड के प्रेरक विचारों को साकार करते हुए आज दीपालय संस्था के व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, संजय कॉलोनी के कर्मचारियों और छात्रों ने "स्वच्छ समुदाय" अभियान का आयोजन किया। 
इस सफाई अभियान में लोगों के एक छोटे समूह ने उस क्षेत्र को, जहाँ कूड़ा घर न होने की वजह से भारी मात्रा में कूड़ा करकट फैला हुआ था उसे  साफ करने का जिम्मा उठाया।  प्रशिक्षण केंद्र के क्रिकेट टीम के खिलाडियों ने अपने इंस्ट्रक्टर की अगुवाई में सफाई करना शुरू कर दिया।
समूह के प्रयासों को देखने के बाद, लर्निंग सेंटर के अन्य कर्मचारी, विद्यार्थी बच्चे, दर्शक बने कॉलोनी के युवा  व अन्य निवासी भी शामिल होते गए और सफाई अभियान में अपना योगदान दिया। देखते ही देखते कूड़े के बहूत बड़े ढेर को साफ कर दिया गया।
युवावों द्वारा चलाये जा रहे कुछ लाइव वीडियो को देखने तथा फोन द्वारा शिकायत के बाद, एमसीडी अच्छी भूमिका में आई और इस क्षेत्र को साफ करने के लिए अपने वाहन और जेसीबी को भेजा और सफाई किया।

अंततः दीपालय द्वारा चलाया गया यह एक सफल अभियान साबित हुआ जिसने न सिर्फ क्षेत्र को साफ किया, बल्कि वहां के छात्रों, कर्मचारियों, कॉलोनी के युवावों व निवासियों को प्रेरित किया की कंधे से कंधा मिलाकर क्षेत्र को साफ किया जाये और स्वच्छता  बनाये रखी जाये।

क्षेत्र के जागरूक निवासियों ने इस प्रशंशनीय कार्य के लिए तथा समुदाय की बेहतरी में योगदान के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से दीपालय को धन्यवाद किया । और साथ ही साथ बहुत कम दिखने वाले एमसीडी विभाग के तत्काल प्रतिक्रिया को भी सराहा।

नशे की दलदल में डूबता बचपन : प्रदीप चौहान

दिल्ली की स्लम बस्तियों में दस-दस साल के बच्चे, छोटी उम्र में गांजा, शराब व अन्य बुरी आदतों के शिकार हो रहे हैं। जिस उम्र में ज्यादातर बच्चे...