शुक्रवार, 1 मार्च 2019

युवाओं के लिए प्रेरणादायक कार्यशाला का आयोजन


युवाओं के लिए प्रेरणादायक कार्यशाला सत्र  "व्हाट्स नेक्स्ट?" का आयोजन

वीटीसी दीपालाय ने 28 फरवरी 2019 को संजय कॉलोनी में एक कैरियर परामर्श सह प्रेरक कार्यशाला सत्र का आयोजन किया। कार्यशाला का विषय था "व्हाट्स नेक्स्ट"।
 वीसोक एडवाइजर्स के संस्थापक और सी इ ओ, श्री रवि शर्मा ने यह दिलचस्प सत्र लिया, जिसमें 36 युवाओं ने भाग लिया जिसमें वीटीसी के वर्तमान व पूर्व छात्रों के आलावा युवा क्लब के सदस्य शामिल थे।
कार्यशाला की शुरुआत में श्री रवि शर्मा ने प्रतिभागियों से पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं। प्रतिभागियों ने अपने सपनों को व्यक्त किया जैसे कि एक रक्षा कार्मिक, वेब डिजाइनर, नर्स, एथिकल हैकर, शिक्षक, फैशन डिजाइनर आदि। कुछ ऐसे प्रतिभागी भी थे जिन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने अभी तक निर्णय नहीं लिया है।

अगली बात जो चर्चा में थी की ऐसे व्यवसाय का चयन करें जिसमे उनकी दिलचस्पी हो और जिसके लिए उन्हें बनाया गया है । उसके बाद श्री रवि शर्मा ने जीवन में कोई भी निर्णय लेने से पहले "क्यों" पूछने का महत्व बताया। उन्होंने छात्रों से पूछा कि वे अपने जीवन में क्या चाहते हैं। उत्तर था समृद्धि और शांति। फिर उन्होंने समझाया कि अब हम पूरी तरह से हम पर निर्भर हैं और हमारा भविष्य भी हमारे हाथों में रहेगा। यह दूसरों या स्थितियों को दोष देने से कोई फायदा नहीं है।
जीवन में समृद्धि के लिए हमें अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना होगा और उन चीजों से बचना होगा जो हमें इसे हासिल करने से विचलित करेंगी। ऐसे केंद्रित जीवन का नेतृत्व करने से हमें अपने सपनों को साकार करने और समृद्धि लाने में मदद मिलेगी। लेकिन अकेले समृद्धि हमारे जीवन में शांति नहीं ला सकती है।

जीवन में शांति, किसी से कुछ हमेशा पाने पर निर्भर नहीं करती है। बल्कि जब आप दूसरों को कुछ देना शुरू करते हैं  तभी आपको असल में मानसिक शांति मिलती है। यद्धपि हमारा परिवार हमारा केंद्र हो सकता है, धन के साथ मदद करने के रूप में हमारी मदद करता है, बुजुर्ग लोगों की तरह दूसरों के साथ समय बिताना या शारीरिक मदद की पेशकश केवल हमारे परिवार तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि यह समाज में अन्यों के साथ करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि स्वार्थी कार्य क्या हैं और निःस्वार्थ कार्य क्या हैं।

उन्होंने युवाओं से वर्तमान में जीने के लिए भी कहा। छोटे बच्चों के मन की शांति होती है क्योंकि वे अतीत या भविष्य के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं होते हैं। वे हमेशा वर्तमान में रहते हैं। सफल होने के लिए हमें अतीत और भविष्य की चिंता करने के बजाय अपने वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपने मन का अभ्यास करने की आवश्यकता है।

सत्र समाप्त करने से पहले प्रतिभागियों को प्रश्न पूछने का अवसर दिया गया जिसमें उन्होंने सामान्य और व्यक्तिगत प्रश्न पूछे जिनका उत्तर श्री रवि शर्मा ने अपनी पूर्ण संतुष्टि के लिए दिया।

परियोजना समन्वयक श्री जेम्सकुट्टी वी.ई. और दीपालय वीटीसी के कंप्यूटर प्रशिक्षक श्री प्रदीप कुमार भी इस उपयोगी कार्यशाला में शामिल हुए।

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